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1 अगस्त से अमेजॉन फ्लिपकार्ट जैसी सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को बताना होगा, किस देश में बने हैं प्रोडक्ट

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हाल ही में चीन से चल रहे विवाद इत्यादि एवं भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, भारत सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों (E-commerce companies) के लिए कुछ नए गाइडलाइंस तैयार किए हैं। जिनमें उन्हें 1 अगस्त तक यह बताना जरूरी होगा की जितने भी प्रोडक्ट वह ऑनलाइन बेच रहे हैं, वह प्रोडक्ट किस देश में बने है।

इस दिशा में कई कंपनियां पहले से ही सक्रिय हो चुकी हैं। इनमें फ्लिपकार्ट, अमेज़न, मिंत्रा, और स्नैपडील जैसी कई बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां शामिल है। (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) डीपीआईआईटी ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए यह स्पष्ट कर दिया है की 1 अगस्त तक अपने सभी नए प्रोडक्ट की कंट्री आफ ओरिजन (country of origin) अपडेट करना आवश्यक होगा। ऐसा भारत में बन रहे स्वदेशी प्रोडक्ट्स के उत्पादों को प्रमोट करने के उद्देश्य से किया गया है।

क्या मिला है निर्देश

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हाल ही में (DPIIT) अर्थात (डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन आफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड) नें इस पर एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कंपनी के सभी प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में लगभग देश के 30 ई-कॉमर्स कंपनियों ने भाग लिया था। जहां (डीपीआईआईटी) ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए अपने सभी प्रोडक्ट के कंट्री आफ ओरिजन को 1 अगस्त से पहले अपडेट करने का निर्देश दिया है।

कंपनियों के सामने आ रही समस्याएं एवं उनके सुझाव

(डीपीआईआईटी) से मिले निर्देशों के बाद, सभी प्रोडक्ट के (कंट्री आफ ओरिजन) को अपडेट करना सभी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए समस्या का कारण बना हुआ है। कंपनियों का ऐसा कहना है कि उनके ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पहले से ही लाखों सेलर्स जुड़े हुए हैं तथा उन लाखों सेलर्स के करोड़ों प्रोडक्ट पहले से ही ऑनलाइन सेल के लिए उपलब्ध है। ऐसे में नए प्रोडक्ट्स के कंट्री आफ ओरिजन को अपडेट करना आसान नहीं होगा। वहीं पुराने प्रोडक्ट्स के कंट्री आफ ओरिजन को अपडेट करने में सभी कंपनियों को थोड़ी परेशानी उठानी पड़ेगी।

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(DPIIT) ने यह स्पष्ट किया है कि, जिन प्रोडक्ट्स पर कंट्री आफ ओरिजन अपडेट नहीं किया गया है, उन उत्पादों के लिए सरकार उन्हें लगातार रिमाइंडर भेजेगी, परंतु इसके पश्चात भी यदि प्रोडक्ट पर जानकारी उपलब्ध नहीं होती है तो ऐसे प्रोडक्ट्स को उनके प्लेटफार्म से हटा दिया जाएगा।

ऐसे में ई-कॉमर्स कंपनियों ने अपने अपने कई सुझाव भी सरकार के सामने रखे हैं। कंपनियों का कहना है कि उन्हें सभी प्रोडक्ट्स के कंट्री आफ ओरिजन को अपडेट करने के लिए कम से कम 3 महीने तक का समय मिलना चाहिए।

सरकार से मिले इन निर्देशों के बाद कई कंपनियां इसे अपडेट करने में जुट गई हैं और वह लगातार अपने विक्रेताओं को इस विषय में ट्रेनिंग एवं जानकारियां उपलब्ध करा रही हैं।

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