Friday, October 23, 2020
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जिओ के नए IUC चार्जेस लागू होने के बाद आपको कौन सा नेटवर्क ऑपरेटर चुनना चाहिए

इस लेख को लिखने का मुख्य लक्ष्य यह है कि इस समय आपको कौन सा नेटवर्क प्रोवाइडर चुनना चाहिए, इससे आपको आपके और हमारे देश को क्या लाभ हो सकता है?

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केवल दो ही कारण होते हैं जब एक व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर को पोर्ट करवाने की सोचता है। या तो आपका नेटवर्क प्रोवाइडर आपसे बहुत ज्यादा पैसे ले रहा है या फिर आपको इंटरनेट की स्पीड या नेटवर्क कवरेज बेकार मिल रही हो।
अधिक जानकारी के लिए आप इस विडिओ को देख सकते हैं।
Original
हाल ही में आईयूसी चार्जेस को लेकर जिओ खबरों में आया था। जिसके कारण कई लोगों के मन में यह धारणा बन चुकी है कि अब जिओ भी हमसे एक्स्ट्रा चार्ज लेगा। कई लोगों के मन में अभी भी आईयूसी चार्ज को लेकर ढेर सारे सवाल है। जिनका जवाब आप लोगों को इस वीडियो में मिल जाएगा। लेख शुरू करने से पहले आप सभी से एक बात बताना चाहूंगा कि यह वीडियो किसी प्रकार से भी स्पॉन्सर नहीं है, इस वीडियो में केवल और केवल मेरा ओपिनियन है।

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तो सबसे पहले आप यह जान लीजिए कि भारत में आपके लिए कौन सा सर्विस प्रोवाइडर सबसे अच्छी सर्विस दे सकता है। तो इस समय भारत में चार प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां मौजूद हैं। जिनमें वोडाफोन-आइडिया, जिओ, एयरटेल इंडिया, बीएसएनएल तथा एमटीएनएल उपलब्ध है। यहां पर वोडाफोन आइडिया जो कि अब एक हो चुके हैं तथा बीएसएनएल और एमटीएनएल भी एक ही है क्योंकि यह स्टेट गवर्नमेंट के अंडर में आते हैं।
अब सवाल यह है कि इनमें से आपको कौन सा सर्विस प्रोवाइडर चुनना चाहिए। इस समय वोडाफोन को छोड़कर अन्य सभी कंपनियां भारतीय है। इनके मालिक भी भारत के ही हैं। क्योंकि वोडाफोन और आइडिया दोनों एक ही हो चुके हैं इस कारण यदि आप वोडाफोन का उपयोग करते हैं तो उसका आधा पैसा भारत के बाहर चला जाएगा। और वोडाफोन के अलावा आप किसी भी दूसरे नेटवर्क का उपयोग करते हैं तो इसका पूरा और पूरा लाभ भारत को ही होगा।
अब बात करते हैं जियो एयरटेल और बीएसएनएल कि इन तीनों में से आपको कौन सा नेटवर्क चुनना चाहिए। तो यहां यदि हम भारतीय दृष्टिकोण से देखें तो हमें से लगभग लगभग 60% लोग 2 सिम का प्रयोग करते हैं। जिनमें से एक सिम जिओ का होता है और दूसरा वोडाफोन आइडिया एयरटेल किसी का भी हो सकता है। ऐसे में हमारी भारतीय कंपनी बीएसएनएल तथा एमटीएनएल को काफी नुकसान झेलना पड़ता है।
बीएसएनएल और एमटीएनएल के पीछे रहने का सबसे बड़ा कारण इनका लेट कंप्लेंट सॉल्विंग है। सरकारी कंपनी होने के कारण यह किसी भी कार्य को काफी धीमे-धीमे करते हैं जिस कारण इन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इसी कारण कस्टमर किसी और नेटवर्क पर स्विच कर जाता है। और हम सरकार को इसका जिम्मेवार ठहराते हैं।
यदि हम बात करें बीएसएनएल के ऑप्टिक फाइबर के इंटरनेट स्पीड की तो पूरे भारत में बीएसएनएल से सस्ता ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क किसी भी अन्य कंपनी का नहीं है। इसके साथ ही बीएसएनएल आपको 50MB 100 एमबी तथा 500mb प्रति सेकंड तक की स्पीड रेंज बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराता है।

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अब बात करें जियो की तो यह हम सभी लोग जानते हैं की अगर जियो इंडिया में नहीं होता तो आज हम इंटरनेट के मामले में इतने आगे नहीं होते। जिओ ही सबसे पहले आम लोगों के लिए 4G इंटरनेट स्पीड लेकर आया था। इसके पहले इंटरनेट का प्लान इतना महंगा था की आम व्यक्ति इंटरनेट चलाने से काफी दूर भागते थे। पहले हम सभी लोग हर किसी से सुनते थे इंटरनेट मत चलाना नहीं तो सारे पैसे कट जाएंगे। लेकिन आज के समय में सभी नेटवर्क प्रोवाइडर स्नेह अपने कीमतों को बेहद सस्ता कर दिया है। इसका सबसे बड़ा कारण जिओ ही है। और जहां तक रही बात आईयूसी चार्जेस की तो यह वह चार्ज होता है जो एक नेटवर्क प्रोवाइडर दूसरी नेटवर्क प्रोवाइडर को 6 पैसे प्रति मिनट की दर से देता है। यदि आप जियो के सिम से किसी दूसरे नेटवर्क पर कॉल करते हैं तो जिओ 6 पैसे प्रति मिनट की दर से उस नेटवर्क प्रोवाइडर को देता है।
इस समय पूरे भारत में वोडाफोन और आइडिया के 375 करोड़ यूजर हैं, वही एयरटेल के 327 करोड़ यूजर्स हैं तथा बीएसएनएल और एमटीएनएल को मिलाकर 119 करोड़ यूजर्स है।तो कुल मिलाकर 821 करोड़ यूजर्स अन्य नेटवर्क का उपयोग करते हैं। ऐसे में यदि रोजाना एक व्यक्ति जिओ से किसी दूसरे नेटवर्क पर केवल 1 मिनट के लिए भी बात करता है तो जिओ को 816×6 पैसे  यानी लगभग 50 करोड़ रुपए दूसरे नेटवर्क प्रोवाइडर को प्रतिदिन देना पड़ेगा। इस तरह महीने का 1500 करोड़ रुपए केवल 1 मिनट के कॉल के लिए देना होगा। इसके बावजूद भी जिओ लगभग कई सालों तक आईयूसी चार्जेस को देती रही है। और यदि दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने के लिए जिओ आपसे आयुषी चार्ज लेता है तो इसमें कोई गलत बात नहीं है।
 अब आते हैं मुद्दे की बात पर कि आपको कौन सा नेटवर्क प्रोवाइडर चुनना चाहिए। यदि आपके एरिया में जिओ एक बेहतर इंटरनेट स्पीड उपलब्ध करवाता है तो डेफिनेटली आपको जिओ को ही चुनना चाहिए। यदि आपके एरिया में जियो का नेटवर्क कवरेज या इंटरनेट स्पीड खराब है तो दूसरा ऑप्शन आपको बीएसएनएल चुनना चाहिए। यदि इन दोनों की नेटवर्क क्वालिटी ठीक नहीं है तब जा कर आपको एयरटेल का चुनाव करना चाहिए

पोस्ट पढ़नें के लिए धन्यवाद, तकनीक से जुड़े सभी विषयों पर जानकारी पाने के लिए बने रहे हमारे साथ। अपना अमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद, शुभ दिन
Deepak Tiwari
नमस्ते - टेक्नोलॉजी की हिंदी दुनिया में आपका स्वागत है।

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